अंडाल (दुर्गापुर) : – अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस–2026 के अवसर पर दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र, दामोदर घाटी निगम में राजभाषा मातृभाषा समन्वय प्रतियोगिता’ का आयोजन 21 फरवरी, 2026 को दिव्यज्योति भवन, डीएसटीपीएस स्थित सम्मेलन कक्ष (चतुर्थ तल) में किया गया।राजभाषा कार्यान्वयन उप-समिति, डीएसटीपीएस, डीवीसी के तत्त्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान अनिल कुमार जैन के संदेश से किया गया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मातृभाषा हमारी पहचान से जुड़ी होती है, जबकि राजभाषा हिंदी कार्य-व्यवहार में एकरूपता एवं राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि दोनों भाषाओं के संतुलित उपयोग से कार्यस्थल पर एक बेहतर, मानवीय तथा समावेशी वातावरण का निर्माण होता है। ‘राजभाषा मातृभाषा समन्वय प्रतियोगिता’ को उन्होंने एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे भाषाओं के प्रति सम्मान और आपसी समझ को बढ़ावा मिलता है।

इस अवसर पर वरिष्ठ महाप्रबंधक सुकदेव खाँ ने कहा कि भाषाई समन्वय से आपसी सम्मान एवं संवाद अधिक सशक्त होता है। महाप्रबंधक सत्य रंजन पांडा ने भाषाई विविधता के सम्मान तथा हिंदी के सकारात्मक प्रयोग पर बल दिया। वहीं, महाप्रबंधक राजेश कुमार लायेक ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम संगठन में एकता एवं सहभागिता को सुदृढ़ करते हैं। उप महाप्रबंधक संजुलता मोहंती ने भी अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं।वक्ताओं ने बताया कि यह पहल दामोदर घाटी निगम की राजभाषा नीति के अनुरूप है तथा इस सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत हिंदी अधिकारी इस्माईल मियाँ द्वारा किया गया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में परियोजना के उप-महाप्रबंधक संदीप कर्मकार, बाबलु घोष, पुलकेश चटर्जी, मलय पात्र, मु. मुदस्सर जावेद, सौमिता रॉय, देबकान्ति गुप्ता भाया, विशाल अग्रवाल, मृणाल कान्ति मंडल, एसके मोकार्रब हुसैन, कल्पतरु बनिक, वरिष्ठ प्रबंधक मोहन कुमार जगनानी, सुनील गोराँई, जयंत कुमार यादव, शुभ्र शंखा साहा, नवीन निश्चल, बासुदेव शीट, रवीन्द्र कुमार रवि, दिलीप कुमार, बिनिता सरकार, शुभम चटर्जी, प्रबंधक सयानी भौमिक, अनुपमा तिवारी, उप प्र. उदय साहा सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने उत्साह एवं तन्मयता के साथ सहभागिता की। प्रतियोगिता से अधिकारियों एवं कर्मचारियों में मातृभाषाओं के प्रति सम्मान तथा राजभाषा हिंदी के सकारात्मक प्रयोग की भावना सुदृढ़ हुई। इस आयोजन ने भाषाई समन्वय, आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा देते हुए कार्यस्थल पर समावेशी एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण के निर्माण में योगदान दिया।
