हरित भविष्य की ओर एक नई शुरुआत: पूर्व रेलवे ने आसनसोल से पर्यावरण-केंद्रित ‘ग्रीन लेगेसी मिशन’ का शुभारंभ किया

आसनसोल , 25 जून : पर्यावरण की स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पूर्व रेलवे ने आज आसनसोल स्थित मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में अपने महत्वाकांक्षी “ग्रीन लेगेसी मिशन” का सफल शुभारंभ किया। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने इस व्यापक पौध-वितरण अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अभिनव पहल का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों के बीच पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना तथा उन्हें एवं उनके परिवारों को समर्पित “ग्रीन एम्बेसडर”(पर्यावरण दूत) के रूप में विकसित करना है। आसनसोल में इस अभियान की सफल शुरुआत पूर्व रेलवे के सभी मंडलों एवं कारखानों में हरित आवरण के विस्तार हेतु एक क्षेत्रव्यापी जनआंदोलन का प्रारंभ है, जिसका लक्ष्य कार्बन-न्यूट्रल एवं पर्यावरण-अनुकूल रेलवे नेटवर्क का निर्माण करना है।इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें रेलवे सुरक्षा बल के महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिया नंदन सिन्हा, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक दीपक निगम, आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संग्रह मौर्य तथा पूर्व रेलवे के उप महाप्रबंधक (सामान्य) एवं मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि उपस्थित थे।

आसनसोल मंडल रेल प्रबंधक के समन्वित निर्देशन में रेलवे कर्मचारियों, उनके परिवारजनों तथा पूर्व रेलवे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स से जुड़े अभिभावकों(जो स्वयं भी रेलवे कर्मचारी हैं) के बीच स्थानीय फलदार पौधों का वितरण किया गया। प्राप्तकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक इन पौधों को अपने आवासीय परिसरों एवं कार्यालयों में रोपित एवं संरक्षित करने का संकल्प लिया, जिससे यह पहल केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम न रहकर जनभागीदारी पर आधारित हरित अभियान में बदल गया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने जलवायु परिवर्तन से निपटने तथा सेहत को बेहतर बनाने में व्यक्तिगत भागीदारी की अहम प्रकाश डालते हुए कहा- “एक वृक्ष लगाना मानव स्वास्थ्य और पृथ्वी के अस्तित्व में निवेश करने के समान है। स्थानीय फलदार पौधों को प्राथमिकता देकर हम न केवल क्षेत्रीय जैव-विविधता के संरक्षण में योगदान दे रहे हैं, बल्कि अपने कर्मचारियों के लिए ताजे एवं पौष्टिक फलों की उपलब्धता सुनिश्चित कर स्वस्थ जीवनशैली को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। पौधा वितरण का यह मॉडल शीघ्र ही पूर्व रेलवे के प्रत्येक मंडल एवं कारखाना में लागू किया जाएगा, जिससे स्वच्छ, सतत एवं हरित पूर्व रेलवे के निर्माण की हमारी सामूहिक यात्रा और अधिक सशक्त होगी।”

दीर्घकालिक निगरानी एवं सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष ट्रैकिंग प्रणाली भी प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत सहभागी परिवार पौधारोपण के समय अपने पौधों के चित्र साझा करेंगे तथा अगले वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर उनकी वृद्धि एवं विकास से संबंधित अद्यतन जानकारी अपने-अपने शाखा व्हाट्सऐप समूहों में साझा करेंगे। यह पहल संगठनात्मक सतत विकास लक्ष्यों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं कल्याण से जोड़ते हुए स्थानीय वायु गुणवत्ता में सुधार, शहरी वन्यजीवों के लिए सूक्ष्म आवासों के निर्माण तथा भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण-सचेत विरासत के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।

इस पहल के भावनात्मक एवं संरचनात्मक महत्व पर ज़ोर देते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा-“आज आसनसोल में जिन पौधों की जड़ें रोपी गई हैं, वे प्रकृति संरक्षण और आधुनिक विकास के मध्य संतुलन स्थापित करने की हमारी आजीवन प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं।”

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